Showing posts with label शायरी. Show all posts
Showing posts with label शायरी. Show all posts

Thursday, June 18, 2015

शायरी

वो ज़िंदगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही, वो मोहबत ही क्या जिसमे यादें नही, वो यादें क्या जिसमे तुम नही, और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही!!!

शायर तो हम है शायरी बना देंगे आपको शायरी मे क़ैद कर लेंगे| कभी सूनाओ हमे अपनी आवाज़ आपकी आवाज़ को हम ग़ज़ल बना देंगे.||

ज़िंदगी में बार बार सहारा नही मिलता, बार बार कोई प्यार से प्यारा नही मिलता, है जो पास उसे संभाल के रखना, खो कर वो फिर कभी दुबारा नही मिलता…

मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं, आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं, आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ किसी ने कहा था,कि ठहरो हम अभी आते हैं……

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं, देनेवाला हज़ार खुशिया दे आपको!

 मजनू को लैला का SMS नही आया.. मजनू ने 3 दिन से खाना नहीं खाया.. मजनू मरने वाला था लैला के प्यार में और लैला बेती थी SMS FREE होने के इंतेज़ार में..

 क्यो किसी से इतना प्यार हो जाता है, एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है, लगने लगते है अपने भी प्यारे, और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है…

सोचा था इस कदर उनको भूल जाएँगे, देखकर भी अनदेखा कर जाएँगे, पर जब जब सामने आया उनका चेहरा, सोचा एस बार देखले, अगली बार भूल जाएँगे…

दिल का दर्द दिल तोड़ने वाले क्या जाने, प्यार के रिवाज़ो को ज़माना क्या जाने, होती कितनी तकलीफ़ लड़की पटाने मैं, ये घर पे बैठा लड़की का बाप किया जाने. ..

बिन बुलाये किसी के घर जाया नहीं करते , महफिल में इश्क बहाया नहीं करते , आज फिर उन्ही के आने का करार है ‘देव’ , वर्ना किसी के इंतजार में राहे यूँ सजाया नहीं करते

 धोखा मिला जब प्यार में; ज़िंदगी में उदासी छा गयी; सोचा था छोड़ दें इस राह को; कम्बख़त मोहल्ले में दूसरी आ गयी!

शायरी

 सुहाना मौसम ओर हवा मे नमी होगी आशुंओ की बहती नदी होगी मिलना तो हम तब भी चाहेगे आपसे जब आपके पास वक्त और हमारे पास सासों कि कमी होगी

 महफील भी रोयेगी, हर दिल भी रोयेगा , ङुबी जो मेरी कस्ती तो साहील भी रोयेगा , हम इतना प्यार बीखेर देगे इस दुनीया मे के, मेरी मौत पे मेरा कातील भी रोयेगा…

आँखों से बरसात होती हैं जब आपकी याद साथ होती है, जब भी busy रहे मेरा cell तो समझ लेना आपकी होने वाली भाभी से मेरी बात होती हैं

इश्क़ ने हमे बेनाम कर दिया, हर खुशी से हमे अंजान कर दिया, हमने तो कभी नही चाहा की हमे भी मोहब्बत हो, लेकिन आप की एक नज़र ने हमे नीलाम कर दिया…

वो दिन दिन नही..वो रात रात नही.. वो पल पल नही जिस पल आपकी बात नही.. आपकी यादो से मौत हमे अलग कर सके. मौत की भी इतनी भी औकात नही

ये लडकियों के बाल है लडको को फ़साने के जाल चूस लेती है खून जिस्म का सारा इसी लिए होते है इनके होठ लाल

शायरी

 इश्क़ और दोस्ती मेरी ज़िन्दगी के दो जहाँ है इश्क़ मेरा रूह तो दोस्ती मेरा इमां है इश्क़ पे कर दूँ फ़िदा अपनी ज़िन्दगी मगर दोस्ती पे तो मेरा इश्क़ भी कुर्बान है।

दोस्ती करो BSNL वाली से प्यार करो IDEA वाली से. बात करो airtel वाली से. आँख लड़ाओ vodafone वाली से. पर दोस्तो शादी करना बिना मोबाइल वाली से.

 तुम्हे जब देखा हमने तो यह ख्याल आया बड़ी जल्दी में रब था जब तुमको बनाया बनाना क्या था मुझको है मैंने क्या बनाया

सुबह का हर पल ज़िंदगी दे आपको दिन का हर लम्हा खुशी दे आपको जहा गम की हवा छू कर भी न गुज़रे खुदा वो जन्नत से ज़मीन दे आपको

ऐसे वक्त गुजर गया SMS करते हुए तेरे प्यार में , होश ही नहीं रहा कि मैं बैठा हूँ क्लास में , पीछे मुड़ कर देखा तो टीचर खड़ी थी पास में…

 तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार अचानक वो मेरे करीब आ गई ……

शायरी

मोहब्बत करली तुमसे बहुत सोचने के बाद, अब किसीको देखना नहीं तुम्हे देखने के बाद, दुनिया छोड़ देंगे तुम्हे पाने के बाद, खुदा माफ़ करे इतना जूठ बोलने के बाद.

 वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी… मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी… उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना… वो नादान है यारो… अपना हाथ जला लेगी.

दोस्त को दोस्त का इशारा याद रहेता हे हर दोस्त को अपना दोस्ताना याद रहेता हे कुछ पल सच्चे दोस्त के साथ तो गुजारो वो अफ़साना मौत तक याद रहेता हे.

 वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही, इश्क़ में प्रेमी कभी झुकता नही, खामोश हैं हम किसी के खुशी के लिए, ना सोचो के हमारा दिल दुःखता नहीं!

मोहबत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है, और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको, हुमारा ये पेघाम हैं, “वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो, वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो”

दोस्ती से कीमती कोई जागीर नही होती; दोस्ती से खूबसूर्त कोई तस्वीर नही होती; दोस्ती यूँ तो कचा धागा है मगर; इस धागे से मजबूत कोई ज़ंजीर नही होती!

Sunday, June 14, 2015

शायरी

किसी  शायर  ने  क्या  खूब  कहा  है-
'रिमझिम  तो  है..
मगर  सावन  गायब  है..!
बच्चे  तो  हैं..
मगर  बचपन  गायब  है..!!
क्या  हो  गयी  है
तासीर  ज़माने  की
अपने  तो  हैं..
मगर  अपनापन  गायब  है..!!!

Saturday, June 13, 2015

Shayri

Kuchh sitaron ki chamak nahi jaati,
Kuchh yadon ki khanak nahi jaati,
Kuchh logon se hota hai aisa rishta,
Ke door reh ke bhi un ki mehak nahi jaati.

Shayri

Pattharon ko itna na pujo ke woh dewta ho jaye,
Kisi ko itna na chaho ke woh bewafa ho jaye.

Monday, June 8, 2015

Beautiful poem by
–हरिवंशराय बच्चन

हारना तब आवश्यक हो जाता है
जब लङाई  "अपनों से हो"

...और....

जीतना तब आवश्यक हो जाता है
जब लङाई  "अपने आप से  हो"

मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है!
हम कोशिश भी ना करे. ये तो गलत बात है...

हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली।
कुछ यादें मेरे संग पांव पांव चली।
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ।
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली।।....

 कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,

फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,

एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी

हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,

मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख़्त तूने,
वो हँसी और बोली-  मैं ज़िंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।🌞

शायरी

​ना जाने क्यूँ नज़र लगी ज़माने की;
अब वजह मिलती नहीं मुस्कुराने की;
तुम्हारा गुस्सा होना तो जायज़ था;
हमारी आदत छूट गयी मनाने की।

शायरी

जिंदगी भर दर्द से जीते रहे;
दरिया पास था आंसुओं को पीते रहे;
कई बार सोचा कह दू हाल-ए-दिल उससे;
पर न जाने क्यूँ हम होंठो को सीते रहे।

शायरी

वक़्त की रफ़्तार रुक गई होती;
शर्म से आँखे झुक गई होती;
अगर दर्द जानती शमा परवाने का;
तो जलने से पहले बुझ गई होती।

शायरी

ना ये महफिल अजीब है, ना ये मंजर अजीब है;
जो उसने चलाया वो खंजर अजीब है;
ना डूबने देता है, ना उबरने देता है;
उसकी आँखों का वो समंदर अजीब है।