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Monday, June 22, 2015

वास्तु टिप्पस

Kuchh vaastu tips🔴🔴🔴🔴
💥१. घर में सुबह सुबह कुछ देर के लिए भजन अवशय लगाएं ।
💥२. घर में कभी भी झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखें, उसे पैर नहीं लगाएं, न ही उसके ऊपर से गुजरे अन्यथा घर में बरकत की कमी हो जाती है। झाड़ू हमेशा छुपा कर रखें |
💥३. बिस्तर पर बैठ कर कभी खाना न खाएं, ऐसा करने से बुरे सपने आते हैं।
💥४. घर में जूते-चप्पल इधर-उधर बिखेर कर या उल्टे सीधे करके नहीं रखने चाहिए इससे घर में अशांति उत्पन्न होती है।
💥५. पूजा सुबह 6 से 8 बजे के बीच भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठ कर करनी चाहिए । पूजा का आसन जुट अथवा कुश का हो तो उत्तम होता है |
💥६. पहली रोटी गाय के लिए निकालें। इससे देवता भी खुश होते हैं और पितरों को भी शांति मिलती है |
💥७.पूजा घर में सदैव जल का एक कलश भरकर रखें जो जितना संभव हो ईशान कोण के हिस्से में हो |
💥८. आरती, दीप, पूजा अग्नि जैसे पवित्रता के प्रतीक साधनों को मुंह से फूंक मारकर नहीं बुझाएं।
💥९. मंदिर में धूप, अगरबत्ती व हवन कुंड की सामग्री दक्षिण पूर्व में रखें अर्थात आग्नेय कोण में |
💥१०. घर के मुख्य द्वार पर दायीं तरफ स्वास्तिक बनाएं |
💥११. घर में कभी भी जाले न लगने दें, वरना भाग्य और कर्म पर जाले लगने लगते हैं और बाधा आती है |
💥१२. सप्ताह में एक बार जरुर समुद्री नमक अथवा सेंधा नमक से घर में पोछा लगाएं | इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है |
💥१३. कोशिश करें की सुबह के प्रकाश की किरणें आपके पूजा घर में जरुर पहुचें सबसे पहले |
💥१४. पूजा घर में अगर कोई प्रतिष्ठित मूर्ती है तो उसकी पूजा हर रोज निश्चित रूप से हो, ऐसी व्यवस्था करे |

"पानी पीने का सही वक़्त".
(1) 3 गिलास सुबह उठने के बाद,
.....अंदरूनी उर्जा को Activate
करता है...
(2) 1 गिलास नहाने के बाद,
......ब्लड प्रेशर का खात्मा करता है...
(3) 2 गिलास खाने से 30 Minute पहले,
........हाजमे को दुरुस्त रखता है..
(4) आधा गिलास सोने से पहले,
......हार्ट अटैक से बचाता है..
यह बहुत अच्छा Msg है Please इसे सब ग्रुपस में Frwd कर दिया जाये,नहीं आ सकता दुबारा क्योंकि इस साल फरवरी में चार रविवार, चार सोमवार, चार मंगलवार, चार बुधवार, चार बृहस्पतिवार, चार शुक्रवार, चार शनिवार. यह प्रत्येक 823 साल में एक बार होता है। यह धन की पोटली कहलाता है। 

Tuesday, June 9, 2015

ये इंडिया है मेरे यार

यह इंडिया है मेरे यार!


1) हम बेटियों की पढ़ाई से ज्यादा उनकी शादी पर खर्च करते हैं।

2) हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां पुलिस वालों को देखकर हम सु रक्षित महसूस करने की बजाय घबरा जाते हैं।

3) IAS एग्जाम में एक शख्स 'दहेज : एक सामाजिक बुराई' विषय पर 1500 शब्दों का बेहतरीन लेख लिखता है। सबको प्रभावित करता है और एग्ज़ाम पास कर लेता है। एक साल बाद यही शख्स दहेज में 1 करोड़ रुपये मांगता है क्योंकि वह एक IAS अफसर है।

 4) भारतीय बहुत शर्मीले होते हैं लेकिन फिर भी 121 करोड़ हैं।

5) भारतीयों को स्क्रैचप्रूफ गर्रिला ग्लास वाले स्मार्टफोन पर स्क्रीन गार्ड लगवाना जरूरी लगता है लेकिन बाइक चलाते समय हेल्मेट लगाना नहीं।

6) भारतीय समाज 'रेप मत करो' की बजाय 'रेप से बचो' सिखाता है।

7) सबसे बेकार फिल्में सबसे ज्यादा कमाई करती हैं।

8) यहां का समाज, एक पॉर्न स्टार को तो सिलेब्रिटी के रूप में खास दर्जा दे देता है लेकिन एक रेप पीड़िता को आम इंसान का दर्जा भी नहीं देता।

9) नेता हमें तोड़ते हैं जबकि आतंकवादी हमें जोड़ते हैं।

10) हर किसी को जल्दी है लेकिन समय से कोई नहीं पहुंचता।

11) मैरी कॉम ने जितनी कमाई अपने पूरे करियर में नहीं की, उससे ज्यादा कमाई प्रियंका चोपड़ा ने मैरी कॉम का किरदार निभाकर कर ली।
12) अजनबियों से बात करना खतरनाक है लेकिन किसी अजनबी से शादी करना हर लिहाज से सही है।

13) जो जूते हम पहनते हैं, वे एयर कंडिशंड शोरूम्स में बिकते हैं और जो सब्जियां हम खाते हैं, वे फुटपाथ पर बिकती हैं।

अब सोचिए! क्या इन तरीकों से भारत आगे बढ़ेगा? शेएर करके सहमति प्रकट करेँ.

Thursday, June 4, 2015

Prachin vaigyanik

प्राचीन वैज्ञानिक ऋषि-मुनियों
द्वारा किए आविष्कार व उनके द्वारा उजागर रहस्य –
💥महर्षि दधीचि -
महातपोबलि और शिव भक्त ऋषि थे। वे संसार के लिए कल्याण व त्याग की भावना रख वृत्तासुर का नाश करने के लिए अपनी अस्थियों का दान करने की वजह से महर्षि दधीचि बड़े पूजनीय हुए।


इस संबंध में पौराणिक कथा है कि एक बार देवराज इंद्र की सभा में देवगुरु बृहस्पति आए। अहंकार से चूर इंद्र गुरु बृहस्पति के सम्मान में उठकर खड़े नहीं हुए। बृहस्पति ने इसे अपना
अपमान समझा और देवताओं को छोड़कर चले गए। देवताओं ने विश्वरूप को अपना गुरु बनाकर काम चलाना पड़ा, किंतु विश्वरूप देवताओं से छिपाकर असुरों को भी यज्ञ-भाग दे देता था। इंद्र ने उस पर आवेशित
होकर उसका सिर काट दिया। विश्वरूप त्वष्टा ऋषि का पुत्र था।

उन्होंने क्रोधित होकर इंद्र को मारने के लिए महाबली वृत्रासुर
को पैदा किया। वृत्रासुर के भय से इंद्र अपना सिंहासन छोड़कर
देवताओं के साथ इधर-उधर भटकने लगे।

ब्रह्मदेव ने वृत्तासुर को मारने के लिए वज्र बनाने के लिए देवराज इंद्र को तपोबली महर्षि दधीचि के पास उनकी हड्डियां मांगने के लिये भेजा।

उन्होंने महर्षि से प्रार्थना करते हुए तीनों लोकों की भलाई के लिए अपनी हड्डियां दान में मांगी। महर्षि दधीचि ने संसार के कल्याण के लिए अपना शरीर दान कर दिया। महर्षि दधीचि की हड्डियों से वज्र बना और वृत्रासुर मारा गया। इस तरह
एक महान ऋषि के अतुलनीय त्याग से देवराज इंद्र बचे और तीनों लोक सुखी हो गए।
💥आचार्य कणाद -

कणाद परमाणुशास्त्र के जनक माने जाते हैं। आधुनिक दौर में अणु विज्ञानी जॉन डाल्टन के भी हजारों साल पहले आचार्य कणाद ने यह रहस्य उजागर किया कि द्रव्य के परमाणु होते हैं।
💥भास्कराचार्य -

आधुनिक युग में धरती की गुरुत्वाकर्षण शक्ति (पदार्थों को अपनी ओर खींचने की शक्ति) की खोज का श्रेय न्यूटन को दिया जाता है। किंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि गुरुत्वाकर्षण का रहस्य न्यूटन से भी कई सदियों पहले भास्कराचार्यजी ने उजागर किया।

भास्कराचार्यजी ने अपने ‘सिद्धांतशिरोमणि’ ग्रंथ में पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के बारे में लिखा है कि ‘पृथ्वी आकाशीय पदार्थों को विशिष्ट शक्ति से अपनी ओर खींचती है। इस वजह से आसमानी पदार्थ पृथ्वी पर गिरता है’।
💥आचार्य चरक -


‘चरकसंहिता’ जैसा महत्तवपूर्ण आयुर्वेद ग्रंथ रचने वाले आचार्य चरक आयुर्वेद विशेषज्ञ व ‘त्वचा चिकित्सक’ भी बताए गए हैं। आचार्य चरक ने शरीरविज्ञान, गर्भविज्ञान, औषधि विज्ञान के बारे में गहन
खोज की। आज के दौर की सबसे ज्यादा होने वाली डायबिटीज, हृदय रोग व क्षय रोग जैसी बीमारियों के निदान व उपचार की जानकारी बरसों पहले ही उजागर की।

💥भारद्वाज -

आधुनिक विज्ञान के मुताबिक राइट बंधुओं ने वायुयान का
आविष्कार किया। वहीं हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक कई
सदियों पहले ऋषि भारद्वाज ने विमानशास्त्र के जरिए वायुयान
को गायब करने के असाधारण विचार से लेकर, एक ग्रह से दूसरे ग्रह व एक दुनिया से दूसरी दुनिया में ले जाने के रहस्य उजागर किए। इस तरह
ऋषि भारद्वाज को वायुयान का आविष्कारक भी माना जाता
है।
💥कण्व -

वैदिक कालीन ऋषियों में कण्व का नाम प्रमुख है। इनके आश्रम में ही राजा दुष्यंत की पत्नी शकुंतला और उनके पुत्र भरत का पालन-पोषण हुआ था। माना जाता है कि उसके नाम पर देश का नाम भारत हुआ।
सोमयज्ञ परंपरा भी कण्व की देन मानी जाती है।
💥कपिल मुनि -

भगवान विष्णु का पांचवां अवतार माने जाते हैं। इनके पिता कर्दम ऋषि थे। इनकी माता देवहूती ने विष्णु के समान पुत्र चाहा। इसलिए भगवान विष्णु खुद उनके गर्भ से पैदा हुए। कपिल मुनि 'सांख्य दर्शन' के प्रवर्तक माने जाते हैं।

इससे जुड़ा प्रसंग है कि जब उनके पिता कर्दम संन्यासी बन जंगल में जाने लगे तो देवहूती ने खुद अकेले रह जाने की स्थिति पर दुःख जताया। इस पर ऋषि कर्दम देवहूती को इस बारे में
पुत्र से ज्ञान मिलने की बात कही।

वक्त आने पर कपिल मुनि ने जो
ज्ञान माता को दिया, वही 'सांख्य दर्शन' कहलाता है।
इसी तरह पावन गंगा के स्वर्ग से धरती पर उतरने के पीछे भी कपिल मुनि का शाप भी संसार के लिए कल्याणकारी बना।

 इससे जुड़ा प्रसंग है कि भगवान राम के पूर्वज राजा सगर ने द्वारा किए गए यज्ञ का घोड़ा इंद्र ने चुराकर कपिल मुनि के आश्रम के करीब छोड़ दिया। तब घोड़े को खोजते हुआ वहां पहुंचे राजा सगर के साठ हजार पुत्रों ने
कपिल मुनि पर चोरी का आरोप लगाया।

इससे कुपित होकर मुनि ने
राजा सगर के सभी पुत्रों को शाप देकर भस्म कर दिया। बाद के कालों में राजा सगर के वंशज भगीरथ ने घोर तपस्या कर स्वर्ग से गंगा को जमीन पर उतारा और पूर्वजों को शापमुक किया।
💥पतंजलि -

आधुनिक दौर में जानलेवा बीमारियों में एक कैंसर या कर्करोग का आज उपचार संभव है। किंतु कई सदियों पहले ही ऋषि पतंजलि ने कैंसर को
रोकने वाला योगशास्त्र रचकर बताया कि योग से कैंसर का भी
उपचार संभव है।
💥शौनक :

वैदिक आचार्य और ऋषि शौनक ने गुरु-शिष्य परंपरा व संस्कारों को इतना फैलाया कि उन्हें दस हजार शिष्यों वाले गुरुकुल का कुलपति होने का गौरव मिला। शिष्यों की यह तादाद कई आधुनिक विश्वविद्यालयों तुलना में भी कहीं ज्यादा थी।
💥महर्षि सुश्रुत -

ये शल्यचिकित्सा विज्ञान यानी सर्जरी के जनक व दुनिया के पहले शल्यचिकित्सक
(सर्जन) माने जाते हैं। वे शल्यकर्म या आपरेशन में दक्ष थे। महर्षि सुश्रुत द्वारा लिखी गई ‘सुश्रुतसंहिता’ ग्रंथ में शल्य चिकित्सा के बारे में कई अहम ज्ञान विस्तार से बताया है। इनमें सुई, चाकू व चिमटे जैसे
तकरीबन 125 से भी ज्यादा शल्यचिकित्सा में जरूरी औजारों के नाम और 300 तरह की शल्यक्रियाओं व उसके पहले की जाने वाली तैयारियों, जैसे उपकरण उबालना आदि के बारे में पूरी जानकारी बताई गई है।
जबकि आधुनिक विज्ञान ने शल्य क्रिया की खोज तकरीबन चार सदी पहले ही की है।

माना जाता है कि महर्षि सुश्रुत
मोतियाबिंद, पथरी, हड्डी टूटना जैसे पीड़ाओं के उपचार के लिए शल्यकर्म यानी आपरेशन करने में माहिर थे। यही नहीं वे त्वचा बदलने
की शल्यचिकित्सा भी करते थे।
💥वशिष्ठ :

वशिष्ठ ऋषि राजा दशरथ के कुलगुरु थे। दशरथ के चारों पुत्रों राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न ने इनसे ही शिक्षा पाई। देवप्राणी व मनचाहा वर देने वाली कामधेनु गाय वशिष्ठ ऋषि के पास ही थी।
💥विश्वामित्र :

ऋषि बनने से पहले
विश्वामित्र क्षत्रिय थे। ऋषि वशिष्ठ से कामधेनु गाय को पाने के लिए हुए युद्ध में मिली हार के बाद तपस्वी हो गए। विश्वामित्र ने भगवान शिव से अस्त्र विद्या पाई।

 इसी कड़ी में माना जाता है
कि आज के युग में प्रचलित प्रक्षेपास्त्र या मिसाइल प्रणाली
हजारों साल पहले विश्वामित्र ने ही खोजी थी।

ऋषि विश्वामित्र ही ब्रह्म गायत्री मंत्र के दृष्टा माने जाते हैं।
विश्वामित्र का अप्सरा मेनका पर मोहित होकर तपस्या भंग
होना भी प्रसिद्ध है। शरीर सहित त्रिशंकु को स्वर्ग भेजने का
चमत्कार भी विश्वामित्र ने तपोबल से कर दिखाया।
💥महर्षि अगस्त्य -


वैदिक मान्यता के मुताबिक मित्र और वरुण देवताओं का दिव्य तेज यज्ञकलश में मिलने से उसी कलश के बीच से तेजस्वी महर्षि अगस्त्य प्रकट हुए। महर्षि अगस्त्य घोर तपस्वी ऋषि थे।

 उनके तपोबल से जुड़ी
पौराणिक कथा है कि एक बार जब समुद्री राक्षसों से प्रताड़ित
होकर देवता महर्षि अगस्त्य के पास सहायता के लिए पहुंचे तो महर्षि ने देवताओं के दुःख को दूर करने के लिए समुद्र का सारा जल पी लिया। इससे सारे राक्षसों का अंत हुआ।
💥गर्गमुनि -

गर्ग मुनि नक्षत्रों के खोजकर्ता माने जाते हैं। यानी सितारों की
दुनिया के जानकार। ये गर्गमुनि ही थे, जिन्होंने श्रीकृष्ण एवं अर्जुन के बारे नक्षत्र विज्ञान के आधार पर जो कुछ भी बताया, वह पूरी तरह सही साबित हुआ।

कौरव-पांडवों के बीच महाभारत युद्ध विनाशक रहा। इसके पीछे वजह यह थी कि युद्ध के पहले पक्ष में तिथि क्षय होने के तेरहवें दिन अमावस थी। इसके दूसरे पक्ष में भी तिथि क्षय थी। पूर्णिमा चौदहवें दिन आ गई और उसी दिन चंद्रग्रहण था। तिथि- नक्षत्रों की यही स्थिति व नतीजे गर्ग मुनिजी ने पहले बता दिए थे।
💥बौद्धlयन -

भारतीय त्रिकोणमितिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। कई सदियों पहले ही तरह-तरह के आकार-प्रकार की यज्ञवेदियां बनाने की
त्रिकोणमितिय रचना-पद्धति बौद्धlयन ने खोजी। दो समकोण
समभुज चौकोन के क्षेत्रफलों का योग करने पर जो संख्या आएगी, उतने क्षेत्रफल का ‘समकोण’ समभुज चौकोन बनाना और उस आकृति का
उसके क्षेत्रफल के समान के वृत्त में बदलना, इस तरह के कई मुश्किल सवालों का जवाब बौद्धlयन ने आसान बनाया।

Wednesday, June 3, 2015

New Motor act. India

New motor act. In india

मोटर वाहन अधिनियम का नया कानून पास हुआ है जो की 4/06/2015 से लागु होगा इस प्रकार है :-
🚴दुपहिया वाहन (Two Wheeler) :-
500₹ -    बिना हेलमेट
500₹ -    बिना P.U.C.
10000₹ - बिना बीमा
10000₹ - बिना लाईसेंस (वाहन जप्त)
1000₹ - 3 सवारी बिठाने पर (दुपहिया)
500₹-बिना कागज (समस्त दस्तावेज) एवं जप्त (वाहन कोर्ट में जाकर छुड़वाना पड़ेगा )


🚗चौपहिया वाहन (Four Wheeler):-
1000₹ -    बिना बेल्ट
1500₹ -    बिना P.U.C.
10000₹ -  बिना बीमा
10000₹ -  बिना लाईसेंस (वाहन जप्त)
5000₹- बिना कागज (समस्त दस्तावेज) एवं जप्त (वाहन कोर्ट में जाकर छुड़वाना पड़ेगा )
5000₹ - मोबाईल📵 (ड्राइविंग के समय दुपहिया व चौपहिया दोनो पर)
वाहन से सम्बन्धित सभी दस्तावेज ड्राइविंग करते वक्त अपने साथ अवश्य रखे एवं उससे होने वाली असुविधा से बचे।

              धन्यवाद

Monday, June 1, 2015

Imp information

Indian railways important numbers

General Enquiry 139
Central Enquiry 131
Reservation 139
Railway Reservation Enquiry 1345,
1335, 1330
Centralised Railway Enquiry 133, 1,
2, 4, 5, 6, 7, 8 & 9
भारत अंग्रेजी नाम (india)  के बारे में :- 


राष्ट्रगान  -- जान गण मन अधिनायक जय हे 
राष्ट्रगीत --- वन्दे मातरम् 
राष्ट्रवाक्य -- सत्यमेव जयते (संस्कृत ) --> सत्य की जय हो (हिंदी ) 
राष्ट्रीय राजधानी -- नई दिल्ली  
राष्ट्र भाषा -- हिन्दी   
राष्ट्रपति -- प्रणब मुखर्जी  
उपराष्ट्रपति -- मोहम्मद हामिद अंसारी 
प्रधानमंत्री -- नरेन्द्र मोदी  
लोकसभा अध्यछ -- सुमित्रा महाजन  
मुख्य न्यायाधीश -- एच.एल. दत्तू   
संसद -- लोकसभा ,राज्यसभा  
स्वतंत्रता -- 15  अगस्त  1947  
गणराज्य -- 26  जनवरी 1950  
कार्यालय भाषा --  हिन्दी ,अंग्रेजी 
महानगर -- दिल्ली ,मुंबई ,कोल्कता ,चेन्नई  

    

Sunday, May 31, 2015

Cm in indian states

भारत के सभी राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्री:-

राज्य ---- मुख्यमंत्री
तेलंगाना ----- के चंद्रशेखर राव
आन्ध्र प्रदेश ---- चन्द्रबाबू नायडू
अरुणाचल प्रदेश ---- नबम तुकी
असम ---- तरुण गोगोई
बिहार ----- जीतम राम मांझी
छत्तीसढ ---- रमन सिंह
दिल्ली ------ अरविंद केजरीवाल
गोआ ----- मनोहर पारिकर
गुजरात ----- आनंदीबेन पटेल
हरियाणा ----- मनोहर लाल खट्टर
हिमाचल प्रदेश ----- वीरभद्र सिंह
जम्मू और कश्मीर ----- मुफ़्ती मोहम्मद सईद
झारखण्ड ---- हेमन्त सोरेन
कर्नाटक ----- सिद्धारैया
केरल ------ ओमान चांदी
मध्य प्रदेश ------ शिवराज सिंह चौहान
महाराष्ट्र ----- देवेन्द्र फडणवीस
मणिपुर ----- ओकराम इबोई सिंह
मेघालय ----- मुकुल संगमा
मिज़ोरम पु ----- ललथानवाला
नागालैण्ड ----- टी आर जेलियांग
ओडिशा ----- नवीन पटनायक
पॉण्डिचेरी ---- एन. रंगास्वामी
पंजाब ---- प्रकाश सिंह बादल
राजस्थान ---- वसुंधरा राजे सिंधिया
सिक्किम ---- पवन कुमार चामलिंग
तमिलनाडु ----- जयललिता
त्रिपुरा ------ माणिक सरकार
उत्तराखण्ड ------ हरीश रावत
उत्तर प्रदेश ------ अखिलेश यादव
पश्चिम बंगाल ------ ममता बनर्जी

india

इंडिया के बारे में कुछ  


           राज्य                  --29   
          केंद्रशासित राज्य -- 07
          कुल जनसँख्या    -- 120 करोड़
          राष्ट्रीय भाषा       -- हिंदी
          राष्ट्रीय पशु         --  बाघ